काबुल: इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने अफगानिस्तान में महिलाओं पर अत्याचार को लेकर तालिबान के सर्वोच्च नेता और मुख्य न्यायधीश अब्दुल हकीम हक्कानी समेत चार लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। ICC के गिरफ्तारी वारंट में अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री नेदा मोहम्मद नदीम और शिक्षा मंत्री हबीबुल्लाह आगा का नाम भी शामिल है। इन सबके खिलाफ अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को बढ़ावा देने और उन्हें शिक्षा के अधिकार से रोकना है।
ICC ने गिरफ्तारी वारंट सार्वजनिक कियाICC ने 8 जुलाई 2025 को दो गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिन्हें बाद में सार्वजनिक किया गया। इसके बाद, प्री-ट्रायल चैंबर II ने फैसला सुनाया कि इन्हें सार्वजनिक करना न्याय के हित में है। साथ ही, अदालत ने यह भी माना कि इससे जांच के अधीन अपराधों को जारी रखने से रोकने में मदद मिलेगी। इन दो ज्ञापनों का प्रकाशन अफगानिस्तान की स्थिति की अदालत की जांच के हिस्से के रूप में हुआ है। अदालत उन अपराधों की जांच कर रही है जिन पर अगस्त 2011 में तालिबान के सत्ता हथियाने के बाद से किए जाने का संदेह है।
अखुंदजादा और हक्कानी पर क्या आरोप हैं?ICC ने कहा कि यह मानने के लिए पर्याप्त आधार हैं कि अखुंदजादा और हक्कानी मानवता के विरुद्ध अपराध, अर्थात् लिंग के आधार पर उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार थे। यह आरोप उन निर्णयों और नीतियों पर आधारित था जो उन महिलाओं, लड़कियों और अन्य लोगों को निशाना बनाती थीं जो लिंग, पहचान और अभिव्यक्ति के संबंध में तालिबान की नीतियों के अनुरूप नहीं थीं। अदालत की प्रारंभिक समिति के अनुसार, आरोपों में वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें महिलाओं और लड़कियों का सहयोगी या तालिबान की नीतियों का विरोधी माना जाता था।
अखुंदजादा और हक्कानी भगोड़े घोषितअखुंदजादा और हक्कानी अदालती रिकॉर्ड में वांछित भगोड़ों के रूप में दर्ज हैं, जबकि मामले की कार्यवाही जारी है। अदालत का कहना है कि उन पर लगाए गए अपराध तालिबान की नीतियों से जुड़े हैं, जिन्होंने अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता पर व्यापक प्रतिबंध लगाए थे।
Contact to : xlf550402@gmail.com
Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.