नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक की तारीख में बदलाव किया गया है। अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण अब यह बैठक गुरुवार 8 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम के समिट रूम में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी। जीएसटी काउंसिल सचिवालय ने सोमवार को कार्यालय ज्ञापन जारी कर इस बदलाव की पुष्टि की।




केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में करदाताओं को राहत देने और व्यापार प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है।







बैठक के मुख्य एजेंडे और संभावित प्रस्ताव1. गिरफ्तारी और आपराधिक कार्यवाही के नियमों में ढील





  • जीएसटी अधिकारियों से करदाताओं को सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार वापस लेने और किसी भी गिरफ्तारी के लिए अदालती मंजूरी आवश्यक करने पर विचार हो सकता है।

  • आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की न्यूनतम सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।

  • क्लासिफिकेशन, मूल्यांकन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े सामान्य विवादों को आपराधिक मामलों के दायरे से बाहर रखने की योजना है।

2. अभियोजन से जुड़े नियमों में बदलाव





  • कानून के अभियोजन प्रावधान के तहत आने वाले 24 अपराधों में राहत देने और 9 अपराधों को पूरी तरह हटाने का प्रस्ताव है।

  • न्यूनतम जेल की सजा के प्रावधान को खत्म करने पर विचार होगा, जिससे अदालतों के पास केवल जुर्माना लगाने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा मध्यम श्रेणी के मामलों में अधिकतम सजा को 3 साल से घटाकर 2 साल किया जा सकता है।

  • छोटे करदाताओं के लिए लेट फीस माफ करने और जुर्माने की राशि को तर्कसंगत बनाने पर चर्चा हो सकती है।

3. सोना-चांदी के आयात पर फैसला





  • बैठक में बैंकों और सरकार द्वारा नामित एजेंसियों के जरिए आयात किए जाने वाले सोने, चांदी और प्लैटिनम पर IGST छूट खत्म करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।

  • फिलहाल इन कीमती धातुओं के आयात पर 3% IGST लगता है, लेकिन सरकार की ओर से सूचीबद्ध बैंकों और नामित एजेंसियों को इस टैक्स से छूट मिलती है। यह छूट 2017 में शुरू की गई थी।

4. कर्मचारियों के हेल्थ/लाइफ इंश्योरेंस पर ITC का लाभ





  • वर्तमान में कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए जो ग्रुप लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस खरीदती हैं, उस पर 18% जीएसटी लगता है और उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नहीं मिलता।

  • काउंसिल इस प्रतिबंध को हटाकर कंपनियों को ITC का दावा करने की अनुमति देने पर विचार कर सकती है।

GST में और किन बदलावों पर नजर?नेक्स्ट-जनरेशन GST सुधारों के तहत कई अन्य प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं। इनमें GST रजिस्ट्रेशन को आसान बनाना, रिफंड की प्रक्रिया तेज करना, इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियम सरल करना और शो-कॉज नोटिस व पेनल्टी की व्यवस्था में बदलाव शामिल हैं। ये प्रस्ताव सितंबर 2025 में लागू किए गए GST रेट रैशनलाइजेशन के बाद सरकार के व्यापक GST सुधार एजेंडे का हिस्सा बताए जा रहे हैं।

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