सरकारी नौकरी करने वाले हर व्यक्ति के लिए रिटायरमेंट के बाद हर महीने मिलने वाली पेंशन उनके जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद करती है, लेकिन सरकारी नौकरी में अगर कोई कर्मचारी एक पद से दूसरे पद पर जाने का फैसला करता है तो इसका असर रिटायरमेंट के बाद पेंशन पर भी पड़ सकता है.


ऐसा ही एक मामला सामने आया है, यहां पुरानी पेंशन योजना यानी OPS से जुड़े एक मामले पर कोलकाता हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. ऐसे में सबसे पहले जानते हैं कि आखिर मामला क्या है?


OPS का दावा खारिज किया


दरअसल, एक कर्मचारी का OPS का दावा केवल टेक्निकल इस्तीफा न देने की वजह से रोक दिया गया था, लेकिन अब इसी मामले में कोर्ट ने कर्मचारी को राहत दी और इस मामले पर दोबारा विचार करने का आदेश दिया.


आखिर मामला क्या है?


बता दें कि जब कर्मचारी ने पिछली नौकरी छोड़ी तो उस समय उसने टेक्निकल इस्तीफे का प्रोसेस पूरा नहीं किया था. इसलिए कोर्ट ने साफ कहा कि कर्मचारी का OPS का दावा केवल इस बात से खारिज नहीं किया जा सकता है कि उसने पिछली नौकरी छोड़ते समय टेक्निकल इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी.


दरअसल, कर्मचारी ने पहले चपरासी पद से सरकारी नौकरी शुरू की थी, लेकिन इसके बाद दूसरी सरकारी भर्ती के समय उसका लोअर ग्रेड क्लर्क के पद पर सिलेक्शन हो गया, जिसके बाद कर्मचारी ने अपनी पिछली नौकरी से इस्तीफा दिया और लोअर ग्रेड क्लर्क के पद पर  जॉइन कर लिया.


आगे क्या हुआ?


बता दें कि जब कर्मचारी ने अपनी पिछली नौकरी से इस्तीफा देकर नई पोस्ट जॉइन की तो उसकी नई पोस्ट OPS के दायरे में नहीं थी, बल्कि NPS के दायरे में थी. 


NPS से OPS में आने का मिला मौका


सरकार ने एक Office Memorandum जारी किया. इसके जरिए कुछ पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से जुड़े लाभ का विकल्प दिया गया. जिसके बाद कर्मचारी ने भी इसी आधार पर OPS का लाभ मांगा. लेकिन उसका दावा खारिज कर दिया गया.


क्यों दावा खारिज किया?


कर्मचारी का दावा केवल इसलिए खारिज किया गया क्योंकि उसने जब अपनी पिछली नौकरी से इस्तीफा दिया तो उस समय उसने टेक्निकल इस्तीफा नहीं लिया था. इसी वजह से उसका OPS का दावा खारिज कर दिया गया.जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और कर्मचारी के दावे को खारिज करने वाले फैसले को हटाते हुए अधिकारियों को इस मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया. 



सबसे जरूरी बात ये है कि इस फैसला का मतलब ये नहीं है कि जो कर्मचारी सरकारी नौकरी में बदलाव करेगा, उस हर कर्मचारी को OPS का लाभ मिलेगा. क्योंकि कर्मचारियों को सरकार के 3 मार्च 2023 के Office Memorandum में बाकी जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा. 


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