नई दिल्ली: SIR को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर अब ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन ( AIAA ) के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि हर वोटर के लिए है। रशीदी ने ओवैसी को अपने बयान पर दोबारा सोचने की सलाह देते हुए कहा कि इससे आम लोगों के बीच गलत संदेश जा सकता है।




‘फॉर्म 7 हर वोटर के लिए है’मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी बैरिस्टर हैं और उन्हें फॉर्म 7 के प्रावधान की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं है। अगर कोई व्यक्ति फॉर्म 7 के जरिए दावा करता है कि कोई वोटर किसी पते पर नहीं रहता, उसकी मौत हो गई है या वह कहीं और चला गया है, तो उस दावे की जांच जरूरी है।



‘अधिकारी जांच के बाद ही फैसला करेंगे’रशीदी ने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारी जानकारी की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर पड़ोसियों से बात की जाएगी और जरूरी पड़ताल पूरी करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीनियर नेता होने के नाते ओवैसी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, जिससे आम लोग उसका गलत मतलब निकालें।




‘मुसलमानों के नाम पर राजनीति हो रही है’AIAA प्रेसिडेंट ने आरोप लगाया कि फॉर्म 7 के मुद्दे को मुसलमानों से जोड़कर राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले तेलंगाना में हटाए गए 92 हजार नामों का डेटा सामने आना चाहिए और यह बताया जाना चाहिए कि इनमें कितने मुसलमान हैं।




‘पहले डेटा सामने रखें, फिर दावे करें’रशीदी ने कहा कि यह भी बताया जाना चाहिए कि हटाए गए मुस्लिम नामों में कितने मामलों में कथित तौर पर फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा कि बिना डेटा पेश किए ऐसे दावे करना उचित नहीं है। रशीदी ने आरोप लगाया कि ओवैसी मुद्दों को मुसलमानों से जोड़कर राजनीति करते हैं और कहा कि मुसलमान इतने अनजान नहीं हैं।

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