राजगढ़: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर में शनिवार को उस वक्त सबका ध्यान एक हितग्राही पर गया, जब वह गले में अपनी शिकायतों की माला पहनकर राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार के सामने पहुंच गया। लोधीपुरा निवासी जगदीश लोधा ने कपिलधारा कुएं की राशि को लेकर कुंडीखेड़ा सरपंच पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
जगदीश ने अधिकारियों को बताया कि करीब तीन साल पहले उसके नाम कपिलधारा कुआं स्वीकृत हुआ था। उसके अनुसार, उसे करीब 80,700 रुपये की राशि मिली, जबकि बाकी भुगतान के लिए वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था। उसने आरोप लगाया कि राशि दिलाने के बदले सरपंच ने 20 हजार रुपये की मांग की।
शिविर में जगदीश ने राज्य मंत्री के साथ कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले और एसडीएम गोविंद दुबे के सामने अपनी शिकायत रखी। शिकायतों की माला पहने उसकी तस्वीर और मामला शिविर में चर्चा का विषय बन गया।
- गले में शिकायतों की माला पहनकर मंत्री के सामने पहुंचा हितग्राही
- सरपंच पर 20 हजार रुपये मांगने का लगाया आरोप
- जांच के बाद सरपंच का तीन माह का वेतन/मानदेय राजसात करने की कार्रवाई
जांच में रिश्वत का आरोप प्रमाणित नहींप्रकरण की सुनवाई में उपलब्ध दस्तावेज, पोर्टल की जानकारी और दोनों पक्षों के बयान की जांच की गई। रिकॉर्ड के आधार पर 80,750 रुपये की सामग्री राशि का भुगतान वेंडर को किया जाना और हितग्राही द्वारा राशि प्राप्त होने की लिखित पुष्टि सामने आई। मजदूरी भुगतान भी संबंधित श्रमिकों के बैंक खातों में दर्ज पाया गया।
जांच में सरपंच और सचिव द्वारा मजदूरी राशि के गबन का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। हालांकि, हितग्राही के साथ अपेक्षित व्यवहार और सहयोग नहीं करने के मामले में सरपंच की आंशिक लापरवाही सामने आने पर सक्षम प्राधिकारी ने तीन माह के वेतन/मानदेय को राजसात करने की कार्रवाई की। सचिव के खिलाफ कोई त्रुटि प्रमाणित नहीं हुई।