भारत की युवा बॉक्सर परवीन हुड्डा ने इतिहास रच दिया है. परवीन हुड्डा ने बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. यह 2026 एशियन गेम्स में भारत का 73वां पदक (मेडल) रहा. परवीन ने महिलाओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग में चीनी ताइपे की चेन निएन चिन को 3-2 से पटखनी देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. परवीन अब एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की तीसरी मुक्केबाज बन गई हैं. उनसे पहले मैरी कॉम (2014) और लवलीना बोरगोहेन (2026) ने यह कारनामा किया है. 


परवीन हुड्डा से पहले भारत की स्टार महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने भी गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा. उन्होंने अपना नाम मैरी कॉम वाली खास रिकॉर्ड लिस्ट में दर्ज कराया. बॉक्सिंग में भारत को बैक टू बैक दो गोल्ड मिले हैं. 


लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और परवीन हुड्डा (65 किग्रा) ने शुक्रवार को अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए एशियाई खेलों में महिला मुक्केबाजी के गोल्ड के लिए भारत का 12 साल का इंतजार खत्म किया. दोनों ने मजबूत दावेदार मानी जा रही अपनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अलग-अलग अंदाज में शानदार जीत दर्ज की. 


भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया. उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते सिल्वर मेडल का रंग बदल दिया. परवीन ने इसके बाद पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडल विजेता चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता.


जापान में खेले जा रहे 2026 एशियन गेम्स में शुक्रवार का दिन भारत के लिए शानदार बीत रहा है. आर्चरी में भारत की महिला टीम ने इतिहास रचा है. भारतीय टीम ने साउथ कोरिया की बादशाहत खत्म करते हुए एशियन गेम्स में पहली बार गोल्ड मेडल जीता. वहीं मिक्स्ड रिकर्व टीम भी सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही. पुरुष रिकर्व टीम ने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया.


यह भी पढ़ें- 


सुजीत ने किया सबसे बड़ा उलटफेर, जीता गोल्ड मेडल; चंद मिनट में ओलंपिक चैंपियन को किया ढेर

Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.