नई दिल्‍ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्‍तावित ट्रेड डील को लेकर कन्‍फ्यूजन बहुत ज्‍यादा बढ़ गया है। इसे लेकर दोनों देशों से आ रहे अलग-अलग बयानों से ऐसा हुआ है। यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अभी 'तुरंत होने वाली' नहीं है। फिर भले ही दोनों पक्षों ने उन चीजों की लिस्ट तय कर ली है जिन पर बातचीत हो सकती है। यह बात तब सामने आई है जब एक हफ्ते पहले वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पूरी हो चुकी है।




रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीर ने कहा कि मिल्वौकी में G20 ट्रेड मिनिस्टर्स की मीटिंग में पीयूष गोयल के साथ उनकी 'बहुत अच्छी बातचीत' हुई। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के अधिकारी बातचीत जारी रखे हुए हैं।




ग्रीर ने कहा- तुरंत कुछ नहीं होने वालान्यूज एजेंसी के अनुसार, USTR ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कुछ तुरंत होने वाला है। लेकिन, हमने सच में उन चीजों की लिस्ट तय कर ली है जो अड़चन बनी हुई हैं। हम उन पर तेजी से काम कर रहे हैं।'




वहीं, गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील तब पूरी होगी जब वॉशिंगटन नई दिल्ली को अमेरिकी बाजार में सही कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देगा।




गोयल ने एक इवेंट में कहा, 'हमें बस अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले सही कॉम्पिटिटिव एडवांटेज ढूंढना है ताकि हम जल्द ही एग्रीमेंट को लागू कर सकें।'




उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दिया है। इसमें अमेरिका भी शामिल है। इसका काम लगभग पूरा हो चुका है।




फरवरी में की गई थी बड़ी घोषणाहालांकि, अमेरिका और भारत ने फरवरी में ही दोनों देशों के बीच ट्रेड एग्रीमेंट के पहले चरण के लिए ट्रेड फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने की घोषणा कर दी थी। लेकिन, टैरिफ स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण आगे और बातचीत करनी पड़ी।




भारत ऐसे समय में अपने FTA नेटवर्क का विस्तार कर रहा है जब जियोपॉलिटिकल टेंशन और अचानक टैरिफ की घोषणाएं हो रही हैं। गोयल ने कहा था कि भारत के ट्रेड एग्रीमेंट से आखिरकार उन बाजारों तक खास पहुंच मिलेगी जो ग्लोबल जीडीपी का लगभग 75 फीसदी हिस्सा हैं।

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