हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अयोध्या-लखनऊ मार्ग स्थित कमता चौराहे यानी अवध बस अड्डा पर गुरुवार शाम पुलिस और वकीलों के बीच भारी झड़प हो गई। एक निजी कार को सीज किए जाने और चौकी में वकीलों के साथ अभद्रता व बर्बर पिटाई का आरोप लगाते हुए दर्जनों वकीलों ने अवध बस अड्डे के सामने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। वकीलों के चक्काजाम और नारेबाजी के चलते अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंचे भारी पुलिस बल के साथ भी काफी देर तक तीखी नोकझोंक और तनाव का माहौल बना रहा।




यूथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट हिमांशु पाठक ने पुलिस पर गंभीर और बर्बरता के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथी वकील अपनी निजी अर्टिगा कार के पास खड़े होकर चाय पी रहे थे। वह कोई टैक्सी नहीं थी और न ही उसमें सवारी भरी जा रही थी, लेकिन विभूतिखंड पुलिस जबरन गाड़ी और वकीलों को उठाकर थाने ले गई। आरोप है कि थाने के भीतर पुलिसकर्मी गौरव कुमार व अन्य ने अधिवक्ता की नाक दबाकर सांस रोकी और थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। जब निखिल शुक्ला, सौरभ मौर्या और गौरव चौधरी समेत अन्य वकील जानकारी लेने पहुंचे तो उनके साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि अधिवक्ताओं से गुंडागर्दी करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।





पुलिस ने क्या कहा?


वहीं, दूसरी ओर थाना विभूतिखंड के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने वकीलों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी स्थिति स्पष्ट की। इंस्पेक्टर ने कहा कि हाईकोर्ट का सख्त निर्देश है कि कमता चौराहे पर किसी भी सूरत में जाम न लगने दिया जाए। चौराहे पर खड़े होकर कुछ लोग अवैध रूप से डग्गामार गाड़ियों का संचालन करा रहे थे। जब उन गाड़ियों के चालकों से वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई कागजात नहीं दिखा सके, जिसके बाद यातायात बाधित कर रही गाड़ी को नियमानुसार सीज कर दिया गया। इंस्पेक्टर के अनुसार, गाड़ी सीज होने के बाद कुछ वकील पुलिस चौकी के भीतर घुसकर पुलिसकर्मियों पर अनैतिक दबाव बनाने लगे और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने लगे। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो वे उग्र हो गए, जिसके बाद उन्हें थाने लाकर शांतिभंग के तहत पाबंद करने की कानूनी कार्रवाई की गई।



यातायात बाधित करने वाले प्रदर्शनकारियों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई


चौकी के विवाद के बाद गुरुवार शाम करीब 7:00 बजे वकीलों ने अवध बस अड्डे के बाहर मुख्य सड़क जाम कर ‘अधिवक्ता एकता जिंदाबाद’ और ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। इस प्रदर्शन के कारण लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और आम राहगीरों व बस यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद वकील सड़क से हटे। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर आम जनता को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और सड़क पर चक्काजाम करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी निश्चित रूप से विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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