देश में अभी सोने की कीमत में भले ही गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन फिर भी ये आम आदमी के लिए महंगी ही है. सोने की कीमत इस वक्त प्रति 10 ग्राम 1,48,600 रुपये है. भारत में सोने का क्रेज ही कुछ ऐसा है कि लोग अपने बजट में कुछ काट-छांट कर इसे खरीदने का प्लान बना ही लेता है. अगर इसमें डिस्काउंट मिलने लगे, तो फिर क्या ही कहने. आइए जानते हैं सोने की खरीद पर कहां और कितना डिस्काउंट मिल रहा है. 


कहां मिल रहा डिस्काउंट?


जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि हाल ही में आई गिरावट के बावजूद सोने की कीमतें अभी भी बहुत ज्यादा हैं. ऊपर से इस पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है. इससे गहने और भी महंगे हो गए हैं. सोना पिछले एक साल के मुकाबले लगभग 28% महंगा हुआ है. कीमतें ज्यादा होने और टैक्स पर खर्च बढ़ने से भारत में ज्यादा से ज्यादा लोग अब फॉर्मल सिस्टम से बाहर कैश में सोने की डील कर रहे हैं और बिना रसीद के सोने के गहने ले रहे हैं.


ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिना बिल के कैश में बड़ी मात्रा में सोना खरीदने पर थोक खरीदारों को बाजार भाव से करीब 6% तक डिस्काउंट मिल सकता है. वहीं, रिटेल सेगमेंट में ग्राहकों के मोलभाव के आधार पर प्रति 10 ग्राम पर 10,000 रुपये तक की सेविंग्स हो सकती है. 


क्यों मिलता है डिस्काउंट?


भारत में सोने के आयात पर 15% कस्टम ड्यूटी और खुदरा बिक्री पर 3% की दर से GST लगता है. ऐसे में जब कोई डीलर या ज्वैलर बिना बिल या रसीद के कैश में लेनदेन करता है, तो वह इस 18% के भारी टैक्स और कागजी लागत से बच जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जब कैश डील होती है, तो लेनदेन का जो भी हिसाब-किताब होता है वह सरकारी रिकॉर्डमें दर्ज ही नहीं होता. इस वजह से डीलर सरकार को 18% टैक्स की रकम चुकाने से पूरी तरह बच जाता है. इसी बचत का एक हिस्सा वह ग्राहकों को डिस्काउंट के रूप में दे देते हैं. 


कैश में डील के नुकसान


जब आप बिना किसी बिल के सोने की खरीदारी करते हैं, तो आपको BIS Hallmark का कोई सर्टिफिकेट नहीं मिलता. मतलब कि उस सोने की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है. ऐसे में हो सकता है कि आपका लिया गया सोना नकली हो या कम कैरेट का हो.


साथ ही भविष्य में बिना रसीद के इसे बेचने या एक्सचेंज करने में भी दिक्कत आएगी. आपको सही कीमत भी नहीं मिलेगी. सबसे बड़ी और जरूरी बात बिना इनवॉइस या रसीद के बड़ी मात्रा में कैश ट्रांजैक्शन चोरी के दायरे में आता है. ऐसे में हो सकता है कि आने वाले किसी समय में आपको सरकारी एजेंसियों की जांच का सामना करना पड़े. 



:


महंगा हुआ सीमेंट, 7 रुपये तक चढ़ी कीमत; जानें अक्टूबर में कितना बढ़ेगा रेट? 

Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.