भारत सरकार ने डीजल और ATF को लेकर बड़ा फैसला किया है. अब 1 अक्टूबर से डीजल और ATF के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स पहले के मुकाबले घटाया जाएगा. इस फैसले के तहत डीजल पर 16 रुपये प्रतिलीटर और ATF पर 10.5 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट टैक्स कम किया जा रहा है.


ये नई दरें 1 अक्टूबर से डीजल और ATF के निर्यात पर लागू होने वाली हैं. इससे पहले डीजल के निर्यात पर 20 रुपये प्रति लीटर का विडफॉल टैक्स लगाया जाता था. तो वहीं ATF के निर्यात पर भी 15 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगाया जाता था. जिसे घटाकर अब क्रमशः 16 रुपये और 10.05 रुपये कर दिया गया है.


हालांकि पेट्रोल के निर्यात पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये अब भी 0.50 रुपये प्रति लीटर है. इससे पहले सरकार ने 16 सितंबर को इसमें बदलाव किया था, जिसके तहत डीजल के निर्यात पर लगने वाले 25 रुपये के विंडफॉल टैक्स को कम कर 20 रुपये किया गया था. तो वहीं ATF पर लगने वाले 19 रुपये के विंडफॉल टैक्स को कम कर 15 रुपये किया गया था.


पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा असर?
वैसे इस फैसले का संबंध ईंधन के निर्यात से है. घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लगने वाली मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है. इसलिए सिर्फ इस फैसले के आधार पर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सीधे कोई बदलाव नहीं होगा.


क्या होता है विंडफॉल टैक्स?
बता दें कि विंडफॉल टैक्स सरकार की ओर से उन कंपनियों पर लगाया जाने वाला टैक्स है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से सामान्य से ज्यादा मुनाफा होता है. पेट्रोलियम उत्पादों पर ये टैक्स अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के हिसाब से बदला जाता है. सरकार हर 15 दिन में पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले इन निर्यात शुल्क का रिव्यू करती है. ये रिव्यू कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को ध्यान में रखकर की जाती है.


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