काहिरा: मिस्र के फयूम में एजबेट एशाक गांव के लोगों ने कुछ ऐसा किया है, जिसकी दुनियाभर में चर्चा है। दूर दराज के इस गांव में बच्चों को स्कूल जाने के लिए हर दिन खराब सड़क से 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। ऐसे में गांव में ये नया क्लासरूम बनाया गया, जिसने बच्चों को सहूलियत दी है। सबसे खास बात इस क्लासरूम को बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री है। इसे रेत से भरी 9,000 प्लास्टिक बोतलों, मिट्टी, बांस, क्ले और दूसरी दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली चीजों से बनाया गया है। ऐसे में इसे 'इको क्लासरूम' कहा जा रहा है।
होल्सिम फाउंडेशन के अनुसार, एजबेट एशाक एक ग्रामीण खेती-बाड़ी वाला गांव है, जहां करीब 1,000 लोग रहते हैं। शिक्षा सुविधाओं की कमी के कारण गांव के बच्चों को सबसे पास के स्कूल जाने के लिए रोजाना 2 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। ऐसे में इस प्रोजेक्ट को उस समस्या के व्यावहारिक समाधान के तौर पर डिजाइन किया गया।
क्लासरूम बनाने में प्रयोगक्लासरूम में रेत से भरी 9,000 से ज्यादा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें दीवारों में लगाया गया। बिल्डिंग के दूसरे हिस्से स्थानीय स्तर पर मिलने वाले कंप्रेस्ड अर्थ ब्लॉक, बांस और प्राकृतिक क्ले से बनाए गए थे। पास ही तोड़ी गई एक क्लिनिक से निकले टूटे हुए कंक्रीट और दोबारा इस्तेमाल किए गए सैंडस्टोन को नींव में लगाया गया था। यह तरीका मुख्य ढांचे से आगे तक फैला हुआ था।
क्लासरूम के लिए पुराने दरवाजों और खिड़कियों को ठीक किया गया, जबकि बेकार लकड़ी के पैलेट से डेस्क और बेंच बनाए गए। फर्श पर प्लास्टर करने के लिए प्राकृतिक क्ले का इस्तेमाल किया गया और छत का ढांचा बांस से बनाया गया। होल्सिम फाउंडेशन का कहना है कि यह प्रोजेक्ट माता-पिता और बच्चों के साथ डिजाइन वर्कशॉप से शुरू हुआ, और फिर स्थानीय युवाओं को सही निर्माण तकनीकों की ट्रेनिंग देने तक बढ़ा। 
क्लासरूम के अलावा और क्या बदला?इको क्लासरूम सिर्फ पढ़ाई-लिखाई की जगह से कहीं ज्यादा बन गया है। होल्सिम फाउंडेशन के अनुसार, वैकल्पिक मटीरियल और निर्माण तकनीकों के इस्तेमाल से समुदाय में इस बात को लेकर जागरूकता बढ़ी कि इमारतें इंसानी सेहत और पर्यावरण, दोनों पर कैसे असर डाल सकती हैं। बाद में कुछ निवासियों ने मांग की कि उनके अपने घरों के लिए भी ऐसी ही तकनीकों पर विचार किया जाए।
यह इमारत जनवरी और जून 2022 के बीच बनाई गई थी और अब यह समुदाय के लिए सीखने की एक पूरी हो चुकी जगह है। बाद में इस प्रोजेक्ट को मिडिल ईस्ट और अफ्रीका क्षेत्र के लिए 2023 होल्सिम अवार्ड्स में 'एक्नॉलेजमेंट' (मान्यता) मिली। होल्सिम फाउंडेशन की जूरी ने रीसायकल की गई चीजों, कम लागत वाले निर्माण, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और समुदाय की भागीदारी के अनूठे मेल को सराहा है।
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