लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में अपने नेतृत्व में बदलाव किया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोहम्मद जासमीर अंसारी के नाम को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए मंजूरी दी है। वह मौजूदा नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। जासमीर अंसारी अभी विधान परिषद में सपा के उपनेता प्रतिपक्ष हैं।
कौन हैं जासमीर अंसारी?मोहम्मद जासमीर अंसारी मूल रूप से सीतापुर के लहरपुर क्षेत्र से हैं। वह लहरपुर विधानसभा सीट का दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने 2007 से 2012 और 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य के तौर पर काम किया।
लहरपुर सीट से उनका विधानसभा का सफर 2007 में शुरू हुआ। इसके बाद 2012 में भी उन्होंने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। बाद में वह विधान परिषद की राजनीति में आए।
2022 में बने विधान परिषद सदस्यजासमीर अंसारी वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने। विधान परिषद की आधिकारिक सदस्य सूची में उनका नाम समाजवादी पार्टी के सदस्य के रूप में दर्ज है। जुलाई 2024 से वह विधान परिषद में सपा के उपनेता प्रतिपक्ष की भूमिका में थे। विधान परिषद की उपलब्ध पार्टी-स्थिति में भी उन्हें सपा के उपनेता के रूप में दर्ज किया गया है।
अब पार्टी नेतृत्व ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
पूर्व सांसद कैसर जहां के पति हैंमोहम्मद जासमीर अंसारी की पत्नी कैसर जहां भी राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह सीतापुर लोकसभा सीट से 2009 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। इसके बाद 2018 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था।
अब विधान परिषद में निभाएंगे बड़ी भूमिकाविधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जासमीर अंसारी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सदन में विपक्ष की ओर से सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाना और पार्टी की रणनीति को आगे बढ़ाना शामिल होगा।
Contact to : xlf550402@gmail.com
Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.