नई दिल्ली: 15 साल के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों भारतीय क्रिकेट में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। आईपीएल में अपने आक्रामक खेल से सनसनी फैलाने के बाद हालिया अफगानिस्तान टी20 सीरीज में भले ही उन्हें अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की मौजूदगी के चलते प्लेइंग 11 में मौका न मिला हो, लेकिन उनके भविष्य को लेकर दिग्गजों के बीच बहस तेज हो गई है। सीमित लाल गेंद के मैचों के अनुभव के कारण टेस्ट टीम में उनकी एंट्री मुश्किल लगती है लेकिन फिर भी उनके टेस्ट करियर को लेकर राय आने लगी हैं।
वैभव सूर्यवंशी की तकनीक पर उठाए सवालइंग्लैंड के पूर्व दिग्गज स्पिनर मोंटी पनेसर ने वैभव सूर्यवंशी के लंबे फॉर्मेट में टिकने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। एक पॉडकास्ट में चर्चा के दौरान पनेसर ने उनके तकनीक पर संशय जताते हुए कहा, 'मैं सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में ढलते हुए नहीं देख पा रहा हूं। फिलहाल हैरी ब्रुक ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो टेस्ट और T20 दोनों के टॉप 10 में शामिल हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट वाली सही तकनीक मौजूद है।'
माइकल क्लार्क ने किया सपोर्टहालांकि, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने पनेसर के इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। क्लार्क का मानना है कि प्रतिभावान खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में अपना परचम लहरा सकते हैं। विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए क्लार्क ने कहा, 'मुझे लगता है कि कोई भी खिलाड़ी अब भी तीनों फॉर्मेट खेल सकता है। विराट और डिविलियर्स ने यह साबित करके दिखाया है। वे शानदार टेस्ट क्रिकेटर होने के साथ-साथ बेहतरीन T20 खिलाड़ी भी रहे। अगर सूर्यवंशी जैसी नई पीढ़ी का कोई खिलाड़ी टेस्ट में सफल ट्रांजिशन करता है तो उसे देखना बेहद अद्भुत होगा।'
माइकल क्लार्क ने आगे युवा बल्लेबाज की ताकत और क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि समय के साथ उनकी तकनीक में और निखार आएगा। उन्होंने कहा, 'फिलहाल पावर हिटिंग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उनके पास गेंद को भांपने की अद्भुत क्षमता है। वह दुनिया के किसी भी युवा क्रिकेटर की तरह गेंद को बहुत जल्दी पिक करते हैं। जैसे-जैसे वह भारतीय टीम के साथ दौरे करेंगे और अलग-अलग परिस्थितियों में अभ्यास करेंगे उनकी तकनीक खुद-ब-खुद बेहतर होती चली जाएगी।'
हाल ही में जीती थी दलीप ट्रॉफीऑस्ट्रेलियाई दिग्गज का मानना है कि अगर वैभव खुद को साबित करना चाहते हैं तो उनमें तीनों फॉर्मेट का सुपरस्टार बनने का पूरा हुनर मौजूद है। लाल गेंद के क्रिकेट की बात करें तो हाल ही में खेले गए दलीप ट्रॉफी में वैभव ईस्ट जोन की चैंपियन टीम का हिस्सा रहे थे। टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन के खिलाफ वह अपने शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे हालांकि 90 के फेर में आउट होने के कारण वह अपने इस रिकॉर्ड से चूक गए थे।
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