Best Medical Courses without NEET : बहुत से छात्रों को लगता है कि मेडिकल क्षेत्र में करियर सिर्फ नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) से ही बन सकता है लेकिन ऐसा नहीं है। एडमिशन के लिए सीटों और कैंडिडेट्स के आकड़ों को देखा जाए तो हर नीट कैंडिडेट को MBBS या BDS की सीट नहीं मिल पाती है। ऐसे में कई हेल्थकेयर और उससे जुड़े मेडिकल कोर्स भी हैं, जिनके लिए NEET की बिल्कुल जरूरी नहीं है। इन प्रोग्राम में एडमिशन आम तौर पर 12वीं कक्षा के मार्क्स, यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम या मेरिट-बेस्ड सिलेक्शन के आधार पर होता है।




ये कोर्स छात्रों को अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी, फार्मास्युटिकल कंपनियों, रिहैबिलिटेशन सेंटर्स, रिसर्च ऑर्गनाइजेशन और हेल्थकेयर मैनेजमेंट में करियर के बेहतरीन मौके देते हैं। जैसे-जैसे हेल्थकेयर सेक्टर बढ़ रहा है, इन क्षेत्रों में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की भारत और विदेशों में बहुत ज्यादा मांग है।




बिना NEET मेडिकल कोर्स में दाखिला कैसे होता है?बिना NEET वाले हेल्थकेयर और के लिए कई ऐसे एकेडमिक और प्रोफेशनल प्रोग्राम हैं जिनके लिए छात्रों को NEET परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं होती। इसलिए कहा जा सकता है कि कॉलेज इस आधार पर एडमिशन दे सकते हैं-





  • 12वीं क्लास (PCB/PCM) के मार्क्स

  • यूनिवर्सिटी-लेवल की एंट्रेंस परीक्षाएं

  • मेरिट-बेस्ड एडमिशन

  • स्टेट-लेवल की एडमिशन प्रक्रियाएं।

मेडिकल और हेल्थकर में जुड़े हर कोर्स के लिए नीट एग्जाम क्लियर करना जरूरी नहीं है। नीट के बिना कोर्सेस उन छात्रों के लिए बहुत अच्छे ऑप्शन हैं जो MBBS या NEET-बेस्ड दूसरी डिग्रियां किए बिना हेल्थकेयर में अपना करियर बनाना चाहते हैं।




नीट के बिना किस कोर्स में फायदा, एक्सपर्ट ने बतायाNEET के बिना मेडिकल और हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने के लिए कई कोर्सेस हैं। करियर एक्सपर्ट और शारदा यूनिवर्सिटी के PR डायरेक्टर डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि B.Pharm, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT), BSc मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलाॅजी, BSc रेडियोलाॅजी एंड इमेजिंग टेक्नोलाॅजी और BSc ऑप्टोमेट्री जैसे कोर्सेस विकल्प हो सकते हैं। इनमें दाखिला आमतौर पर 12वीं के अंकों, मेरिट या संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया के आधार पर होता है। हालांकि, हर काॅलेज और राज्य में पात्रता और एडमिशन नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले पूरी डिटेल देखें।




5 डिमांडिंग कोर्स, एडमिशन के लिए नहीं चाहिए NEETएक्सपर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर/मेडिकल से जुड़े सभी कोर्सेस के लिए NEET परीक्षा क्लियर होना जरूरी नहीं है। कई ऐसे डिमांडिंग कोर्सेस हैं जिन्हें नीट के बिना भी कर सकते हैं। यहां 5 कोर्सेस के नाम और भविष्य में फायदा और करियर के अवसर भी जान लें-





  • बैचलर ऑफ फाॅर्मेसी (BPharm)- यह 4 साल का कोर्स है। इसमें दवाओं की संरचना, निर्माण, फार्मास्यूटिकल टेक्नोलॉजी और मरीजों की दवा संबंधित देखभाल की पढ़ाई होती है। यह NEET के बिना हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने का प्रमुख विकल्प है। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र फार्मासिस्ट, ड्रग सेफ्टी एसोसिएट, क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएट, फार्मास्युटिकल प्रोडक्शन ऑफिसर और क्वालिटी कंट्रोल एनालिस्ट जैसी फील्ड में करियर बना सकते हैं।

  • बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT)- यह कोर्स लगभग 4 से 4.5 साल का है। इसमें एक्सरसाइज, मूवमेंट, फिजिकल थेरेपी और रिहैबिलिटेशन के जरिए मरीजों की रिकवरी में मदद करने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह कोर्स करने के बाद छात्र फिजियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स थेरेपिस्ट, रिहैबिलिटेशन स्पेशलिस्ट, ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपिस्ट और न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरेपिस्ट के तौर पर काम कर सकते हैं। कोर्स की अवधि और इंटर्नशिप की संरचना संस्थान के अनुसार अलग हो सकती है।

  • BSc मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (MLT)- यह आमतौर पर 3 से 4 साल का कोर्स है। इसमें ब्लड, यूरिन, टिश्यू और अन्य क्लिनिकल सैंपल की लैब जांच के जरिए बीमारी की पहचान में सहायता करना सिखाया जाता है। यह कोर्स पूरा करने के बाद छात्र मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट, पैथोलॉजी लैब एग्जीक्यूटिव, डायग्नोस्टिक लैब सुपरवाइज़र और रिसर्च लेबोरेटरी असिस्टेंट जैसे पदों पर काम कर सकते हैं।

  • BSc रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी- यह लगभग 3 से 4 साल का एलाइड हेल्थ कोर्स है। इसमें X-ray, CT Scan, MRI और अन्य मेडिकल इमेजिंग तकनीकों से जुड़े उपकरणों के संचालन और मरीजों की जांच में सहायता की ट्रेनिंग दी जाती है। कोर्स के बाद छात्र रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट, MRI टेक्नीशियन, CT स्कैन टेक्नीशियन और इमेजिंग स्पेशलिस्ट जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं।

  • BSc ऑप्टोमेट्री- यह 3 से 4 साल का कोर्स है। इसमें आंखों की जांच, विजन टेस्टिंग, आई केयर और करेक्टिव लेंस से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं। इस कोर्स के बाद छात्र ऑप्टोमेट्रिस्ट, विज़न कंसल्टेंट, आई केयर स्पेशलिस्ट और कॉन्टैक्ट लेंस प्रैक्टिशनर के रूप में करियर बना सकते हैं। हालांकि, कोर्स की अवधि और एडमिशन की पात्रता अलग-अलग संस्थानों में अलग हो सकती है।




बिना नीट मेडिकल कोर्सेस में फायदा कहां मिलता है?कई प्रोफेशनल मेडिकल और अलाइड हेल्थ कोर्स बिना NEET के भी अच्छी शिक्षा, नौकरी और करियर और देते हैं। बीफाॅर्म, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT), BSc मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, ऑप्टोमेट्री, डायलिसिस टेक्नोलॉजी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बायोटेक्नोलॉजी, पब्लिक हेल्थ और हॉस्पिटल मैनेजमेंट जैसे प्रोग्राम हेल्थकेयर सेक्टर में योगदान देने के अच्छे मौके देते हैं।




इन कोर्सेस के बाद अनुभव और जरूरी लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन हासिल करने पर भी फायदा मिलता है। कुछ फील्ड में अपना सेंटर या प्रैक्टिस शुरू करने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि, क्लीनिक या सेंटर खोलने की अनुमति संबंधित प्रोफेशन और राज्य के नियमों पर निर्भर करती है।

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