राधा अष्टमी का त्योहार जन्माष्टमी के बाद मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का प्राकट्य हुआ था। ऐसे में भक्त इस दिन विधिपूर्वक व्रत और राधाजी की पूजा करते हैं। माना जाता है कि राधा रानी के नाम का जप करने से व्रती को भगवान कृष्ण की भी कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही, ज्योतिष एक्सपर्ट पिनाकी मिश्रा बताते हैं कि राधा अष्टमी के दिन कुछ सरल कार्यों को अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त हो सकता है। साथ ही, जीवन में सुख-शांति के संयोग बनते हैं। तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि राधा अष्टमी के दिन क्या-क्या करना चाहिए।
राधा रानी और श्रीकृष्ण को फूल व श्रृंगार करें अर्पित
राधा अष्टमी का दिन राधा रानी की पूजा के लिए समर्पित होता है। ऐसे में इस दिन श्रीराधा को सुगंधित पुष्प और ताजे फूलों की माला जरूर अर्पित करनी चाहिए। साथ ही, श्रीराधा का श्रृंगार भी अवश्य करें। ऐसा करने से राधा रानी प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा परिवार पर बनी रह सकती है।
राधा रानी संग करें श्रीकृष्ण की पूजा
ज्योतिष एक्सपर्ट पिनाकी मिश्रा बताते हैं कि राधा अष्टमी के दिन जातक को सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करने के बाद श्रीराधा संग भगवान कृष्ण की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। साथ ही, राधा रानी को पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। मान्यता है कि राधा रानी की पूजा करने से श्रीकृष्ण भी कृपा प्राप्त हो सकती है। ऐसे में इस दिन श्रद्धा भाव से पूजन जरूर करें।
राधा-कृष्ण के मंत्रों का करें जप
हिंदू धर्म में राधा नाम जप का अत्यधिक महत्व बताया गया है। ऐसा करने से बहुत शुभ फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रती को 'राधे-राधे' नाम का जप करना चाहिए। मन में इसका उच्चारण करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। साथ ही, इस दिन आप श्रद्धा भाव से राधा रानी के 'ओम ह्रीं श्रीराधिकायै नमः' मंत्र और 'मो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप कर सकते हैं।
राधा अष्टमी पर जरूर करें दान
ज्योतिष एक्सपर्ट पिनाकी मिश्रा के अनुसार, राधा अष्टमी के दिन दान जरूर करना चाहिए। इसके लिए आप अपने सामर्थ्य अनुसार, अन्न, फल वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं। हिंदू धर्म और शास्त्रों में दान का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि अन्न का दान करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती है। साथ ही, घर में सुख-समृद्धि के संयोग बनते हैं।
शाम को जरूर जलाएं दीपक
राधा अष्टमी के दिन सुबह और शाम दो समय पूजा जरूर करनी चाहिए। साथ ही, इस दिन सामर्थ्य अनुसार व्रत का अनुष्ठान करें। पुराणों में इस व्रत को अत्यंत उत्तम बताया गया है। मान्यता है की राधा अष्टमी का व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि के संयोग बनते हैं। साथ ही, शाम को अपने मुख्य द्वार पर एक दीपक जरूर जलाएं क्योंकि, यह समय माता लक्ष्मी के आगमन का माना गया है। व्रती को इस दिन व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए।
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