गर्मी शुरू होते ही घर-घर में AC चलना शुरू हो जाता है, और साथ ही बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ने लगता है. ज्यादातर लोग AC को 18 से 20 डिग्री सेल्सियस पर चलाते हैं, ताकि कमरा जल्दी ठंडा हो जाए. लेकिन एक्सपर्ट्स और सरकारी एजेंसियां लगातार यह सलाह देती हैं कि AC को 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाना चाहिए. सवाल यह है कि इससे बिजली की बचत का असली हिसाब क्या है.
ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी यानी BEE के एक रिसर्च के मुताबिक, AC के तापमान में हर 1 डिग्री की बढ़ोतरी से बिजली की खपत करीब 6 प्रतिशत तक कम हो सकती है. यानी अगर कोई अपने AC को 18 डिग्री की बजाय 24 डिग्री पर चलाता है, तो यह अंतर 6 डिग्री का हुआ. इस हिसाब से बिजली की खपत में लगभग 30 से 36 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. यह आंकड़ा बताता है कि सिर्फ रिमोट पर एक बटन दबाकर कितनी बड़ी बचत की जा सकती है.
अक्सर लोगों को लगता है कि तापमान जितना कम रखा जाए, कमरा उतनी तेजी से ठंडा होता है. लेकिन असल में AC का कंप्रेसर लगभग एक जैसी रफ्तार से ही काम करता है, फर्क सिर्फ इतना पड़ता है कि वह कितनी देर तक चलता है. जब तापमान 18 या 19 डिग्री पर सेट होता है, तो कंप्रेसर को कमरे को उतना ठंडा बनाए रखने के लिए ज्यादा देर तक और ज्यादा ताकत से काम करना पड़ता है. इससे बिजली की खपत बढ़ जाती है, जबकि 24 डिग्री पर कंप्रेसर पर दबाव कम रहता है.
अगर आसान भाषा में समझें, तो मान लीजिए किसी घर का AC रोज 8 घंटे चलता है और तापमान 18 डिग्री की जगह 24 डिग्री पर सेट किया जाए, तो कंप्रेसर पर लोड कम पड़ने से महीने के अंत में बिजली बिल में सैकड़ों रुपये तक की कमी देखी जा सकती है. यह बचत AC के स्टार रेटिंग, कमरे के साइज और बाहर के तापमान पर भी निर्भर करती है, लेकिन ट्रेंड लगभग हर घर में एक जैसा ही रहता है.
यह भी पढ़ें- क्या है Hugging Face Hack जिसने बढ़ा दी चिंता? आपका डेटा भी है खतरे में
सिर्फ तापमान 24 डिग्री रखने के अलावा कुछ और आदतें भी बिजली बचाने में मदद करती हैं. AC के साथ सीलिंग फैन चलाने से ठंडी हवा पूरे कमरे में तेजी से फैलती है, जिससे AC पर लोड कम पड़ता है. कमरे के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद रखना, समय-समय पर AC के फिल्टर की सफाई करना, और ज्यादा स्टार रेटिंग वाला AC खरीदना, ये सभी उपाय मिलकर बिजली बिल को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
बिजली मंत्रालय ने BEE की सिफारिश के बाद यह प्रस्ताव रखा था कि सभी नए AC में डिफॉल्ट यानी फैक्ट्री सेटिंग तापमान 18 डिग्री की जगह 24 डिग्री रखा जाए. इसके पीछे वजह यह थी कि ज्यादातर लोग AC खरीदने के बाद उसकी डिफॉल्ट सेटिंग को बदलते ही नहीं हैं और उसी तापमान पर सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं. इसी वजह से डिफॉल्ट सेटिंग बदलने से देशभर में बिजली की भारी बचत का अनुमान लगाया गया था.
यह भी पढ़ें- अब फोन से निकालकर चलाएं Action Camera, RugOne का अनोखा स्मार्टफोन
Contact to : xlf550402@gmail.com
Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.