भारतीय वनडे टीम में रोहित शर्मा का भविष्य क्या होगा और क्या वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा रहेंगे? इस सवाल का जवाब इसी महीने मिल सकता है. वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम चयन के साथ ही काफी हद तक साफ हो सकता है कि चयनकर्ता रोहित को लेकर आगे किस दिशा में बढ़ना चाहते हैं.
भारतीय क्रिकेट में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर है. हाल ही में हुई बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग से इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला निकलकर सामने नहीं आया. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित से जुड़ी अटकलों पर इतना जरूर कहा कि वह किसी भी अफवाह को हवा नहीं देना चाहते. उन्होंने रोहित की फॉर्म का जिक्र करते हुए उनके हालिया शतक की भी बात की.
अब सभी की निगाहें वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के चयन पर टिक गई हैं. भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होनी है. माना जा रहा है कि इस सीरीज के लिए टीम के ऐलान के साथ ही इस बात के बड़े संकेत मिल जाएंगे कि चयनकर्ता रोहित शर्मा को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की अपनी योजनाओं में देख रहे हैं या नहीं.
सूत्रों के मुताबिक चयनकर्ताओं के बीच एक राय यह भी है कि 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी को ध्यान में रखते हुए युवा यशस्वी जायसवाल को वनडे क्रिकेट में ज्यादा मौके दिए जाने चाहिए. इसकी एक बड़ी वजह रोहित शर्मा की उम्र भी है. 2027 वर्ल्ड कप तक रोहित 40 साल की उम्र पार कर चुके होंगे.
हालांकि, रोहित ने अपने बल्ले से चयनकर्ताओं की मुश्किल बढ़ा दी है. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में वह कोई बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे, लेकिन तीसरे वनडे में उन्होंने शानदार शतक जड़कर अपनी दावेदारी एक बार फिर मजबूत कर दी.
इस पारी से एक बात के संकेत जरूर मिले कि रोहित अभी खुद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को खत्म करने की जल्दबाजी में नहीं हैं. ऐसे में अब फैसला चयनकर्ताओं को करना है. उनके सामने सवाल है कि क्या अनुभवी रोहित को 2027 वर्ल्ड कप तक टीम की योजनाओं में बनाए रखा जाए या फिर यशस्वी जायसवाल जैसे युवा बल्लेबाज को अगले एक साल में लगातार मौके देकर वर्ल्ड कप के लिए तैयार किया जाए.
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर पिछले कुछ समय से कई तरह की खबरें सामने आती रही हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की तरफ से इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित को भविष्य की योजनाओं को लेकर संदेश दिया गया था. हालांकि, इस तरह की खबरों की बीसीसीआई या चयन समिति की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई.
इसके बाद रोहित के संन्यास को लेकर अटकलें तेज हुईं तो बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की तरफ से इन खबरों को खारिज किया गया. इससे यह सवाल भी खड़ा हुआ कि रोहित के भविष्य को लेकर बोर्ड और चयनकर्ताओं की सोच पूरी तरह एक जैसी है या नहीं.
हाल में हुई बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग में भी रोहित के भविष्य पर कोई निर्णायक चर्चा नहीं हो सकी. बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर मौजूद रहे, लेकिन चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर बैठक में शामिल नहीं हो सके.
अगरकर की गैरमौजूदगी को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं. सूत्रों के मुताबिक चयन से जुड़े मामलों में बोर्ड के कथित हस्तक्षेप को लेकर नाराजगी की बात कही जा रही है. अगरकर के बैठक में नहीं होने की वजह से रोहित के भविष्य जैसे चयन से जुड़े अहम मुद्दे पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला.
अब सितंबर के मध्य में होने वाली चयन समिति की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि 18 या 19 सितंबर के आसपास चयनकर्ता वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम चुन सकते हैं. इसी दौरान भारत की अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज भी चल रही होगी.
इस बैठक में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और चयन समिति के बाकी सदस्यों को रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट करना पड़ सकता है. अगर रोहित वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम में बने रहते हैं और उन्हें आगे की वनडे योजनाओं का हिस्सा माना जाता है, तो यह 2027 वर्ल्ड कप की उनकी उम्मीदों के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत होगा.
वहीं, अगर चयनकर्ता यशस्वी जायसवाल को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ते हैं तो इसे भारतीय वनडे टीम में बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा सकता है. इसलिए वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम का एलान महज एक द्विपक्षीय सीरीज के लिए टीम चयन नहीं होगा. इससे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सवालों में से एक का जवाब मिलने की शुरुआत हो सकती है—क्या रोहित शर्मा 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया की योजनाओं का हिस्सा रहेंगे?
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