डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने ऑपरेशन चक्र VI के तहत 20 राज्यों में 89 जगहों पर छापेमारी की है. इस दौरान 3 लोगों को अरेस्ट किया गया है. यह कार्रवाई इस अपराध में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई मानी जा रही है. 


एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान सीबीआई ने हरियाणा और कोलकाता में तीन लोगों को अरेस्ट किया है. इन पर धोखाधड़ी से हासिल रकम को लेने, उसे अलग-अलग अकाउंट में घुमाने और आगे भेजने का आरोप है. सीबीआई ने अलग-अलग राज्यों में दर्ज डिजिटल अरेस्ट से जुड़े कई मामले अपने हाथ में लिए हैं. 


जांच में बैंक अकाउंट, ऑनलाइन अकाउंट एक्सेस डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच की घई है, ताकि धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन का पता लगाया जा सके. गिरोह के संचालकों और लाभार्थियों की पहचान की जा सके. 


इन तीन बड़े मामलों की जांच CBI कर रही


सीबीआई के मुताबिक, एक मामला बीआईटीएस पिलानी से जुड़ा हुआ है. यहां पीड़ित को कथित तौर पर तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और पुलिस अधिकारी बनकर आए स्कैमर्स ने उससे 7.67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.


गुजरात के एक अन्य मामले में पुलिस अधिकारी बनकर आए लोगों ने पीड़ित को तीन महीने तक डिजिटल रूप से अरेस्ट कर रखा था. कथित तौर पर 19.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.


कर्नाटक में दर्ज तीसरे मामले में पीड़ित को एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया. कथित तौर पर 15.45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई. छापेमारी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, अकाउंट से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और जांच के लिए अन्य सामाग्री जब्त की गई है. 


जब्त किए सबूतों की फॉरेंसिक जांच
एजेंसी ने बताया है कि जब्त किए गए सबूतों की फोरेंसिक जांच की जा रही है. इससे उस बड़े फाइनेंशियल और टेक्निकल स्ट्रक्चर का पता लगाया जा सके, जिसका इस्तेमाल गिरोह राज्यों की सीमाओं को पार करने के लिए करते थे. सीबीआई ने ऑपरेशन के दौरान तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है. पूछताछ में धोखाधड़ी की रकम लेने, उसे घुमाने और आगे भेजने में उनकी भूमिका का पता चला है. इसके अलावा हरियाणा के रहने वाले आकाश के बैंक खाते में धोखाधड़ी की रकम में से 1.95 करोड़ रुपये आए थे. जांचकर्ता ने पाया है कि उसने खुद अकाउंट खोला था. उसी दिन रकम दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दी थी. इससे धोखाधड़ी की रकम को ठिकाने लगाने में उसकी सीधी संलिप्तता का संकेत मिलता है. कोलकाता के राजा करमाकर को कथित तौर पर अपनी फर्म के अकाउंट में धोखाधड़ी की रकम में से 1.5 करोड़ रुपये मिले थे. 


इधर, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे अपराध करने वालों और ऐसे अपराध में मदद करने वाले बड़े नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे. सीबीआई ने बताया है कि इस बड़े नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिशें जारी है. 

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