रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहन को पैसे, गिफ्ट या कोई महंगी चीज देता है. आजकल कैश देने के बजाय कई लोग डायरेक्ट बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाई से मिले इन पैसों को बहन की इनकम माना जाएगा और क्या इस पर इनकम टैक्स देना पड़ेगा.
इनकम टैक्स नियमों के अनुसार भाई और बहन को एक दूसरे का रिश्तेदार माना जाता है. इसलिए भाई की तरफ से बहन को गिफ्ट के तौर पर दिए गए पैसे पर सिर्फ इसलिए टैक्स नहीं लगता कि पैसा 50,000 से ज्यादा है. रिश्तेदार से मिलने वाले गिफ्ट के लिए ये आम सीमा लागू नहीं होती.
अगर भाई रक्षाबंधन पर अपनी बहन को 20,000, 50,000, 1 लाख या इससे ज्यादा रकम गिफ्ट करता है, तो सिर्फ गिफ्ट की रकम के आधार पर बहन पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा.
अगर भाई ने बहन के बैंक अकाउंट में UPI के जरिए पैसे भेजे हैं और पैसा रियल में गिफ्ट है, तो सिर्फ ऑनलाइन ट्रांसफर होने से उस पर टैक्स नहीं लग जाता. यानी टैक्स के मामले में ये मायने नहीं रखता कि पैसा हाथ में दिया गया है या बैंक अकाउंट में भेजा गया है.
50,000 से ज्यादा के गिफ्ट पर टैक्स से जुड़ा नियम आम रूप से गैर रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर लागू होता है. अगर किसी व्यक्ति को टैक्स नियमों में रिश्तेदार नहीं माने जाने वाले व्यक्ति से फिक्स समय से ज्यादा रकम या गिफ्ट मिलता है, तो वो टैक्स के दायरे में आ सकता है. वहीं भाई बहन जैसे रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट को इस नियम में छूट मिलती है.
लेकिन हर बैंक ट्रांसफर को गिफ्ट नहीं माना जा सकता. अगर भाई ने बहन को पैसा किसी काम, सेवा या बिजनेस के बदले दिया है, तो उसकी टैक्स की हालात अलग हो सकती है. इसलिए पैसे के पीछे का असली वजह जरूरी है.
कुल मिलाकर, भाई से बहन को मिले रियल गिफ्ट के तौर पर सिर्फ पैसा 50,000 से ज्यादा होने के वजह से इनकम टैक्स नहीं लगता. UPI या बैंक ट्रांसफर से गिफ्ट देने पर भी यही नियम लागू होता है.
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