मान लीजिए आप किसी जरूरी काम, फंक्शन या इंटरव्यू के सिलसिले में किसी होटल में ठहरे हैं. दिनभर की थकान के बाद आप कमरे में आराम कर रहे हैं और अचानक दरवाजे पर तेज दस्तक होती है, 'दरवाजा खोलिए, पुलिस.' हड़बड़ाहट में आप दरवाजा खोलते हैं और पुलिस आपसे आधार कार्ड मांगती है और आपको याद आता है कि पर्स में तो आधार कार्ड है ही नहीं. ऐसे में डर की वजह से आप पसीना पसीना हो जाएंगे.
लेकिन क्या सिर्फ आधार कार्ड न होने पर पुलिस आपको अपराधी की तरह थाने ले जाकर लॉकअप में डाल सकती है?
आइए एक आम नागरिक के तौर पर अपने जरूरी अधिकार समझते हैं.
अगर कोई भी आईडी न हो तो क्या होगा?
अगर छापेमारी के वक्त आपके पास कोई भी आईडी प्रूफ नहीं है तो पुलिस को संदेह के आधार पर आपसे पूछताछ करने का हक है. वह आपकी सही पहचान की पुष्टि के लिए आपको नजदीकी थाने ले जा सकती है, लेकिन सिर्फ आईडी न होने की वजह से आपको गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.
होटल में ठहरने के कानूनी अधिकार क्या हैं?
ध्यान रहे, छापेमारी की स्थिति में बहस करने के बजाय शांत रहें. अगर आपके पास भौतिक आईडी नहीं है तो डिजिलॉकर या एम-आधार में मौजूद डिजिटल दस्तावेज दिखाएं. यह दोनों जरूरी एप्स अपने फोन में आज ही इंस्टॉल कर लें.
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