देश के बुजुर्ग नागरिकों, खासकर वृद्ध और निराश्रित महिलाओं के लिए न्यूनतम पेंशन की मांग एक बार फिर संसद में उठी. राज्यसभा में सरकार से पूछा गया कि क्या वह सभी नागरिकों के लिए ‘मिनिमम पेंशन फॉर ऑल’ नाम से कोई योजना शुरू करने पर विचार कर रही है. इस पर सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना लाने का प्रस्ताव नहीं है.


23 जुलाई 2026 को राज्यसभा सांसद आर. गिरिराजन ने सरकार से सवाल किया कि क्या बुजुर्गों, विशेष रूप से वृद्ध और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए न्यूनतम पेंशन योजना शुरू करने की तैयारी है. उन्होंने इस संबंध में सरकार की योजना की जानकारी भी मांगी.

सरकार ने क्या जवाब दिया?

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित जवाब में कहा कि सरकार के पास ‘मिनिमम पेंशन फॉर ऑल’ जैसी कोई योजना शुरू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. हालांकि, उन्होंने बताया कि सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने का प्रावधान किया गया है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इस कानून में सोशल सिक्योरिटी फंड बनाने की व्यवस्था भी है, जिससे पात्र श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को वित्तीय सहायता दी जा सके. इसके अलावा, धारा 113 के तहत असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के पंजीकरण का भी प्रावधान है.

EPS2026 पर भी दी अहम जानकारी

सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना , 2026 को लेकर भी जानकारी दी. मंत्री ने बताया कि EPS का पेंशन फंड नियोक्ताओं और केंद्र सरकार के अंशदान से संचालित होता है. पात्र कर्मचारी या उनके परिवार को इसी फंड से पेंशन और अन्य लाभ दिए जाते हैं. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि EPS का दावा करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है. यदि कोई पात्र व्यक्ति बाद में भी दावा करता है, तो दावा मंजूर होने पर उसे पेंशन के साथ बकाया राशि भी मिलती है. इसके अलावा सरकार ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक निष्क्रिय EPF खातों में 9,330.56 करोड़ रुपये जमा थे. यह जानकारी संसद में लिखित जवाब के माध्यम से दी गई.


Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.