
New Delhi, 24 जुलाई . केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने Friday को Lok Sabha में बताया कि देशभर में 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है. इसका उद्देश्य बच्चों को बेहतर पोषण और प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
उन्होंने कहा कि कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए आंगनवाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान और किशोरी बालिका योजना को मिलाकर ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 (मिशन पोषण 2.0)’ के तहत शामिल किया गया है.
एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि यह मिशन देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, सहित अधिक कुपोषण वाले जिलों में लागू किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और किशोरियां (आकांक्षी जिलों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग) लाभार्थी हैं.
सावित्री ठाकुर ने बताया कि मिशन के तहत 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी में बदला जाएगा. इन केंद्रों में बेहतर पोषण सेवाओं के साथ-साथ प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा की गतिविधियां संचालित की जाएंगी.
इन आंगनवाड़ी केंद्रों में एलईडी स्क्रीन, पानी शुद्ध करने की व्यवस्था, पोषण वाटिका, प्रारंभिक बाल शिक्षा सामग्री और ‘बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड’ पेंटिंग्स जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
मंत्री ने बताया कि 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित पोषण मानकों के अनुसार पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि इन पोषण मानकों में जनवरी 2023 में संशोधन किया गया था. पहले के मानक मुख्य रूप से कैलोरी पर आधारित थे, जबकि नए मानक भोजन की मात्रा और गुणवत्ता, दोनों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और विविध आहार पर आधारित हैं.
सावित्री ठाकुर ने बताया कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पूरक पोषण (टेक होम राशन) भी दिया जाता है. उन्होंने कहा कि इस योजना की निगरानी ‘पोषण ट्रैकर’ नामक डिजिटल एप्लिकेशन के माध्यम से की जाती है. यह सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली है, जिससे आंगनवाड़ी केंद्रों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों से जुड़ी गतिविधियों की लगभग वास्तविक समय (रियल टाइम) में निगरानी की जा सकती है.
मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों और पोषण सुधार से जुड़े राज्यवार आंकड़े पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध हैं.
सावित्री ठाकुर ने कहा कि विभिन्न संस्थागत अध्ययनों और सर्वेक्षणों से पता चलता है कि मिशन पोषण 2.0 कुपोषण से निपटने और बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में Government की एक महत्वपूर्ण पहल है.
उन्होंने बताया कि सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिला है. 6 से 59 माह के बच्चों में एनीमिया की दर में 8.5 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि यह आयरन-फोलिक एसिड की खुराक, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों और पूरक पोषण कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम है.
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