
New Delhi, 16 जुलाई . Madhya Pradesh के रायपुर स्थित उपभोक्ता फोरम के फैसले को मारुति सुजुकी ने चुनौती देने की बात कही है.
दरअसल, रायपुर उपभोक्ता फोरम ने ग्राहक के पक्ष में एक फैसला सुनाया था, जिसमें कोर्ट ने मारुति सुजुकी को उपभोक्ता की कार को ई20 कंप्लायंस ग्रैंड विटारा से बदलने या फिर मॉडल की कीमत का भुगतान करने को कहा था.
इस फैसले के बाद कंपनी ने बड़ी कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है. मारुति के अनुसार, ग्राहक को बेची गई कार पूर्ण रूप से ई20 कम्पैटिबल थी और कार के यूजर मैन्युअल में इसकी जानकारी भी शेयर की गई थी. कंपनी के अनुसार, जांच के दौरान मिलावटी फ्यूल की जानकारी मिली थी, और फोरम के आदेश में मुख्य तथ्य नजर नहीं आ रहे हैं.
दरअसल, ये मामला रायपुर के उपभोक्ता फोरम से जुड़ा हुआ है. डॉक्टर प्रेमराज डेब्टा नाम के एक ग्राहक ने जून 2024 में नेक्सा डीलरशिप से ग्रैंड विटारा का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस वेरिएंट खरीदा था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्राहक को उस समय जानकारी दी गई कि कार दिसंबर 2023 में बनी है, लेकिन प्रेमराज को बाद में पता चला कि कार को जनवरी 2023 में मैन्युफैक्चर्ड किया गया था.
ग्राहक के अनुसार उनकी कार 11 नवंबर 2014 को अचानक खराब हो गई, जिसके बाद कार के डैशबोर्ड पर इंजन खराबी का साइन भी नजर आने लगा. इस पर डीलरशिप ने कार में मिलावटी फ्यूल होने की बात कही. लेकिन कार के टैंक को पूरा खाली करके उसको फिर से रिफिल किया गया. वहीं, प्रेमराज ने इसकी शिकायत पेट्रोलियम कंपनी से भी की, लेकिन कंपनी ने तेल में किसी भी तरह की मिलावट न होने की बात कही.
इस बीच उनकी कार में फिर से खराबी आने लगी. इसके बाद कार को फिर से मारुति सुजुकी के डीलरशिप पर ले जाया गया. ग्राहक का आरोप है कि उनकी कार लगभग एक महीने तक वर्कशॉप में ही खड़ी रही. इस बीच डीलरशिप ने उनको मेल पर बताया कि मिलावटी फ्यूल के कारण कार का इंजन बैठ गया है और इसका केवल रिप्लेसमेंट ही किया जा सकता है, जिसका खर्च लगभग साढ़े पांच लाख रुपए आएगा.
इस पर ग्राहक रायपुर उपभोक्ता फोरम पहुंचा तो फैसला उनके पक्ष में आया. कोर्ट ने कंपनी से ग्राहक को ई20 कार या कार का पूरा पैसा वापस करने को कहा. अब मारुति ने इस फैसले को चुनौती देने का निर्णय लिया है.
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