Happy Vat Savitri Vrat 2026 Wishes Sanskrit: वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को रखा जाता है. इस साल शनिवार 16 मई 2026 को सुहागिन महिलाएं यह सौभाग्य पर्व मनाएंगी. इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं. महिलाएं वट वृक्ष के पास एकत्रित होकर सावित्री सत्यवाण की पूजा करती हैं, वृट वक्ष की पूजा कर कच्चा सूत बांधती हैं और कथ का पाठ करती हैं.
इसलिए हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन होता है है. इस शुभ दिन पर महिलाएं गहने और वस्त्र पहनकर दुल्हन की तरह श्रृंगार करती है. हाथों में पिया के नाम की मेहंदी भी रचाती हैं. वट सावित्री व्रत पर महिलाएं एक दूसरे को इसकी शुभकामानएं भी देती है.
अगर आप भी अपनी मां, सास, ननद, भाभी, महिला मित्र या महिला कलीग को वट सावित्री व्रत पर शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं तो यहां देखें संस्कृत भाषा में शुभकामनाएं,श्लोक, मंत्र. इन्हें आप वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक, इंस्टा और ग्रीटिंग्स के जरिए भेकर संस्कृत में वट सावित्री व्रते हार्दिक्यः शुभकामनाः। कह सकते हैं (wishes messages image shlok mantra shubhkamnaye in sanskrit).
भारतीय पर्व-त्योहारों में संस्कृत भाषा का प्रयोग हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव का प्रतीक है. संस्कृत भाषा न केवल हमारी संस्कृति की जड़ है, बल्कि इसमें व्यक्त किए गए संदेश अधिक प्रभावशाली और आध्यात्मिक माने जाते हैं. इसलिए आजकल डिजिटल युग में भी लोग संस्कृत में लिखे शुभकामना संदेश को काफी पसंद करते हैं.
यथा सत्यवती सावित्री, यमात् पतिमानिनी।
तथा भवतु ते सौभाग्यं, पतिः ते जीवतु शाश्वतम्॥

वटस्य मूले स्थिता देवी, सावित्री पतिव्रता।
तस्याः प्रभावात् भवतु, तव पतिः सुखी दीर्घजीवी॥
वट सावित्री व्रते हार्दिक्यः शुभकामनाः। अखंड सौभाग्यवती भवः!

सावित्रीवत् पतिं रक्ष, पतिस्त्वां रक्षतु प्रिये।
वटसावित्रीमहोत्सवः, शुभं भवतु ते सदा॥

यथा वटः स्थिरः शाखी, तथा त्वं पतिमानिनी।
सावित्रीवत् पतिं रक्ष, सुखं जीवनं भव॥
वट सावित्री व्रत: हार्दिक्यः शुभाशयाः!

वटसावित्रीमहिम्ना, गृहे ते सुखशान्तिः।
पतिस्नेहः सदा भूयात्, धर्मेण धनमाप्नुहि॥

था त्वं वट शाखाभिः, पल्लवैः सुसमृद्धसि।
तथा मे पतिरायुष्मान्, भवेद्वर्षशतं सदा
वट सावित्री व्रत 2026 मम शुभकामना:

यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले।
तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मां सदा॥
शुभ वट सावित्री!

वटसावित्रीव्रतस्य शुभे अवसर
सौभाग्यं, आरोग्यं, दीर्घायुश्च भवतु।
अखंडसौभाग्यवती भव।
पति-दीर्घायुष्यम् प्राप्तिरस्तु।
सावित्र्याः कृपया गृहे सुख-समृद्धिः सदा वसतु।
वटवृक्षस्य पूजनेन आयुः, आरोग्यं, सौभाग्यं च वर्धताम्।
सत्यवान-सावित्र्योः आदर्शः
भवतः दाम्पत्यजीवने सदा स्थिरोऽस्तु।
Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत कब है, कितने बजे लगेगी अमावस्या तिथि
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