मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
इस मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने विवादित सहायक नगर आयुक्त महेश पाटील, कारोबारी निशित पटेल और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बिजनेसमैन निशित पटेल को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी?
इस पूरे खेल की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले के संबंध में बीएमसी से एक प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस मिला। अपनी समस्या के समाधान के लिए वह एक परिचित के जरिए बीएमसी के जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल के संपर्क में आईं। यहीं से जालसाजों ने अपना जाल बुनना शुरू किया।
महेश पाटिल ने पहले तो टैक्स मामले में मदद का भरोसा दिया और फिर हबीबा को विश्वास में लेकर बांद्रा वेस्ट स्थित 'न्यू कमलकुंज' नामक एक कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने की सलाह दी। पाटिल ने उन्हें निशित पटेल से मिलवाया, जिसने खुद को बड़े बिल्डरों का करीबी बताया।
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आरोपियों ने हबीबा जाफरी का विश्वास जीतने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाया। पुलिस के अनुसार, निशित पटेल और उसके साथियों ने जाफरी परिवार के घर जाकर उन्हें फर्जी मैप, लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ फर्जी 'प्री-लीज़ एग्रीमेंट' दिखाए।
ठगी का सबसे हैरान करने वाला पहलू 'रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया' थी। आरोपी अपने साथ एक ऐसी डिवाइस लेकर घर पहुंचे जो बिल्कुल सरकारी बायोमेट्रिक मशीन जैसी दिखती थी। उन्होंने घर बैठे ही हबीबा के फिंगरप्रिंट्स, फोटो और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रिकॉर्ड में रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है। बाद में उन्हें जो दस्तावेज दिए गए, वे पूरी तरह फर्जी थे।
करोड़ों का निवेश और भारी नुकसान
जालसाजों के बहकावे में आकर जाफरी परिवार ने अपने फ्लैट और बंगले बेचकर पैसे जुटाए। जांच में सामने आया है कि कुल 16.24 करोड़ रुपये की यह ठगी न केवल कैश में, बल्कि विदेशी मुद्रा और महंगी लग्जरी घड़ियों के रूप में भी की गई थी। यह पैसा 'पूजन टेक्नोलॉजीज' और 'उदित ट्रेडर्स' जैसी फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया।
जब हबीबा जाफरी ने मूल दस्तावेजों की मांग की और उन्हें टालमटोल मिलने लगी, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद मामला क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल को सौंपा गया। मामले में निशित पटेल, महेश पाटिल (BMC अधिकारी), रूपेश, सागर मेहता और देवेंद्र पड़वाल सहित 6 लोगों को नामजद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।
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