रियल एस्टेट सेक्टर में कई ऐसे प्रोजेक्ट्स जिनमें घर खरीदारों का पैसा फंसा हुआ है. न तो उनको उनके सपनों का आशियाना मिल पा रहा है न ही उनके पैसे निकल पा रहे हैं. इसी कड़ी में नोएडा के प्रोजेक्ट से घर खरीदारों के लिए राहत की खबर आई है. दरअसल रियल एस्टेट क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास के तहत, रीयरको प्राइवेट लिमिटेड ने एनसीएलटी के माध्यम से केवी डेवलपर्स की अधूरी आवासीय परियोजना केवीडी विंड पार्क का सफल अधिग्रहण कर लिया है. इस कदम से ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है.


कंपनी ने इस परियोजना के लिए सरकार समर्थित स्वामिह फंड (SWAMIH Fund) से 195.50 करोड़ रुपये की फंडिंग भी हासिल की है.इससे करीब 650 फ्लैट्स का निर्माण पूरा होने और लगभग 400 पुराने घर खरीदारों को 2026 के अंत तक अपने घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.


2026 के अंत तक मिल जाएगा घर


एनसीएलटी अधिग्रहण के बाद स्वामिह फंडिंग पर रीयरको की फाउंडर और एमडी, सुश्री गीतांजलि खन्ना के अनुसार,रीयरको संभवतः रियल एस्टेट सेक्टर की पहली ऐसी कंपनी है जिसने एक अधूरी परियोजना को एनसीएलटी के जरिए अधिग्रहित करने के बाद उसे स्वामिह फंड से वित्तपोषित भी कराया है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में 5 टावरों में 650 यूनिट्स का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है और वर्ष 2026 के अंत तक घर खरीदारों को कब्जा देने का लक्ष्य रखा गया है.उन्नत सुविधाओं के साथ इस परियोजना को अब वायु विंड पार्क नाम से प्रमोट किया जा रहा है.


एक दशक पुराने प्रोजेक्ट को मिला नया जीवन


यह प्रोजेक्ट साल 2012-13 में शुरू हुई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से 2019 में एनसीएलटी में फंस गई.जुलाई 2023 में रीयरको को इसका अधिग्रहण मिला और अगस्त 2024 से पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया गया.अब कंपनी चरणबद्ध तरीके से इसपर अलग-अलग तरीकों से खर्च करके इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगी. जिसमें वित्तीय संस्थानों का लगभग ₹35 करोड़, विकास प्राधिकरण का लगभग ₹60 करोड़ का बकाया चुकाकर प्रोजेक्ट को पूरी तरह बकाया मुक्त बना दिया है.


घर खरीदारों को मिली बड़ी राहत


इस फैसले से इस प्रोजेक्ट के घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली है. कंपनी ने रिफंड और शिफ्टिंग के तहत लगभग 100% घर खरीदारों को निर्माणाधीन टावरों में शिफ्ट किया. वही इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलने वाले करीब 40 खरीदारों को ₹10 करोड़ का रिफंड दिया. यह कदम लंबे समय से फंसे खरीदारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है. अबतक इस प्रोजेक्ट में करीब 5 टावरों का निर्माण 90% से अधिक पूरा हो चुका है. स्वामिह फंड का 75% उपयोग किया जा चुका है. अब केवल 15% यूनिट्स बिक्री के लिए बाकी रह गए है. बाकी 2 टावरों का निर्माण भविष्य में किया जाएगा.


इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ


कंपनी के अनुसार इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 250 करोड़ रुपए है. वहीं इसकी अनुमानित बिक्री राजस्व 500 करोड़ रुपए है.आधुनिक सुविधाओं से लैस इस प्रोजेक्ट के वर्तमान मांग को ध्यान में रखते हुए परियोजना में कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं जैसे टेरेस गार्डन और कैफे, इन्फिनिटी स्विमिंग पूल, एक्स्ट्रा टावर क्लब,वालेट पार्किंग, बड़ा क्लब हाउस और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी. यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेकजोन-4 में 5 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है, जिसमें 7 टावर और लगभग 850 यूनिट्स शामिल हैं.

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