News India Live, Digital Desk: बदलते दौर में रिश्तों के मायने और उनमें आने वाली समस्याएं भी आधुनिक होती जा रही हैं। 'घोस्टिंग' और 'गैसलाइटिंग' के बाद अब एक नया शब्द चर्चा में है 'घोस्टलाइटिंग' (Ghostlighting)। यह शब्द दो खतरनाक व्यवहारों का मिश्रण है, जो किसी भी व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ सकता है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह भावनात्मक हेरफेर (Emotional Manipulation) का एक ऐसा तरीका है जिसमें पार्टनर न केवल आपको नजरअंदाज करता है, बल्कि आपकी याददाश्त और मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाने लगता है। यदि आपको अपने रिश्ते में घुटन महसूस हो रही है, तो इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।1. बिना बताए गायब होना और अचानक लौट आनाघोस्टलाइटिंग की पहली पहचान है कि पार्टनर बिना किसी ठोस वजह या सूचना के आपसे बातचीत बंद कर देता है (Ghosting)। कई दिनों तक गायब रहने के बाद जब वह वापस आता है, तो वह ऐसे व्यवहार करता है जैसे कुछ हुआ ही नहीं था। वह आपके फोन कॉल और मैसेज को नजरअंदाज करने के लिए बहाने बनाता है और आपको अपनी अहमियत खोने का अहसास कराता है।2. आपकी याददाश्त पर सवाल उठाना (Gaslighting)जब आप पार्टनर के गायब होने या उनके व्यवहार पर सवाल उठाते हैं, तो वे सच स्वीकार करने के बजाय आपको ही गलत साबित करने की कोशिश करते हैं। वे कह सकते हैं— "मैंने तो तुम्हें बताया था, तुम ही भूल गए हो" या "तुम हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर सोचते हो।" इसे ही 'गैसलाइटिंग' कहते हैं, जहाँ अपराधी खुद को पीड़ित और आपको दोषी बना देता है।3. बातचीत से बचना और 'साइलेंट ट्रीटमेंट'घोस्टलाइटिंग करने वाला व्यक्ति संचार के सारे रास्ते बंद कर देता है। जब आप अपनी भावनाओं को व्यक्त करना चाहते हैं, तो वे 'साइलेंट ट्रीटमेंट' का सहारा लेते हैं। वे आपके सवालों का जवाब नहीं देते या "हम इस बारे में बाद में बात करेंगे" कहकर बात को टाल देते हैं। यह व्यवहार सामने वाले व्यक्ति में बेचैनी और असुरक्षा की भावना पैदा करता है।4. अपनी गलतियों के लिए आपको जिम्मेदार ठहरानाइस स्थिति में पार्टनर अपनी किसी भी गलती की जिम्मेदारी नहीं लेता। अगर रिश्ता खराब हो रहा है या उनके व्यवहार में कड़वाहट है, तो वे इसका दोष भी आप पर ही मढ़ देते हैं। वे आपको यह महसूस कराने पर मजबूर कर देते हैं कि आप ही इस रिश्ते में समस्या की जड़ हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास पूरी तरह डगमगा जाता है।क्या करें और कैसे बचें?विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे टॉक्सिक (जहरीले) व्यवहार से बचने के लिए सबसे पहले अपनी सीमाओं (Boundaries) का निर्धारण करें। यदि पार्टनर बार-बार गायब हो रहा है और आपकी भावनाओं का सम्मान नहीं कर रहा, तो खुद से सवाल पूछें कि क्या यह रिश्ता आपकी मानसिक शांति के लायक है। अपनी बात स्पष्टता से रखें और जरूरत पड़ने पर परिवार, दोस्तों या प्रोफेशनल काउंसलर की मदद लें। याद रखें, कोई भी रिश्ता आपकी गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य से बड़ा नहीं होता।