पटना, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में बुधवार से रबी विपणन मौसम 2026-27 के तहत गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य शुरू हो गया। प्रदेश के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने जहानाबाद के एक पैक्स में गेहूं अधिप्राप्ति का शुभारंभ किया।


मंत्री ने इस मौके पर कहा कि सरकार किसानों को उनकी उपज का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य प्रारंभ किया गया है। राज्य के किसानों को उनके गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि गेहूं बिक्री के 48 घंटे के भीतर उनके नामित खाते में जमा की जाएगी।


किसानों को गेहूं की बिक्री के लिए किसी बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य 15 जून तक पैक्स, व्यापार मंडलों और केंद्रीय एजेंसी भारतीय खाद्य निगम के द्वारा संचालित किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीददारी की जाएगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।


इस वर्ष राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का कुल निर्धारित लक्ष्य 0.18 लाख मीट्रिक टन है। गेहूं अधिप्राप्ति के लिए पंचायत स्तर पर पैक्स और प्रखण्ड स्तर पर व्यापार मंडल को अधिकृत किया गया है। भारतीय खाद्य निगम भी राज्य में चिन्हित प्रखण्डों में अधिप्राप्ति के लिए अधिकृत है। पहले दिन औरंगाबाद में 78.6 मीट्रिक टन, समस्तीपुर में 27.5 मीट्रिक टन, सिवान में 30.8 मीट्रिक टन, सहित राज्य के अन्य जिलों में कुल 303.6 मीट्रिक टन गेहूं की अधिप्राप्ति की गई है।


बता दें कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत राज्य में धान अधिप्राप्ति के कुल निर्धारित लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई, जो लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत है। राज्य में रोहतास जिले में सबसे ज्यादा 3,28,977 मीट्रिक टन, कैमुर जिले से 2,34,383, औरंगाबाद में 1,80,902 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई। इस वर्ष औसतन प्रत्येक किसान से 67.61 क्विंटल धान की अधिप्राप्ति की गई।


--आईएएनएस


एमएनपी/डीएससी

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