महिलाओं के प्रति असम्मान का मुद्दा


बेंगलुरु, 3 मार्च। फिल्म उद्योग में ग्लैमर और कैमरों की चकाचौंध के बीच एक ऐसा विषय फिर से उभरा है, जिस पर लंबे समय से चर्चा होती रही है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज किया जाता है। सार्वजनिक कार्यक्रमों, फिल्म प्रमोशन और पुरस्कार समारोहों के दौरान महिला कलाकारों की तस्वीरें और वीडियो कई बार ऐसे एंगल से लिए जाते हैं, जो असहज और आपत्तिजनक माने जाते हैं।




इस मुद्दे पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री की कुछ प्रमुख अभिनेत्रियों ने अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस तरह के जानबूझकर किए गए जूम-इन और अनुचित एंगल को बर्दाश्त नहीं करेंगी।




अभिनेत्रियों रुक्मिणी वसंत, आशिका रंगनाथ और सप्तमी गौड़ा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संयुक्त बयान जारी कर इस व्यवहार की कड़ी निंदा की।




उन्होंने कहा, ''कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में महिला कलाकारों की तस्वीरें और वीडियो जानबूझकर गलत एंगल से लिए जाते हैं। कैमरे का फोकस उनके काम, उपलब्धियों या कार्यक्रम के मकसद पर नहीं, बल्कि उनके शरीर पर किया जाता है। यह एक बार की बात नहीं है, बल्कि बार-बार दोहराई जाने वाली समस्या है।''




अभिनेत्रियों ने स्पष्ट रूप से कहा, ''इस तरह के जानबूझकर किए गए जूम-इन और अनुचित एंगल पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। यह व्यवहार हमारी गरिमा का उल्लंघन है और इसे सामान्य नहीं माना जा सकता। कुछ लोग व्यूज और सनसनी के लिए इस तरह की क्लिप्स को रिकॉर्ड और शेयर करते हैं, जो न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि महिलाओं की पेशेवर पहचान को भी कमजोर करता है। हम सिनेमा और अपने हुनर के लिए जानी जाना चाहती हैं, न कि इस तरह की गलत प्रस्तुतियों के लिए।''




अभिनेत्रियों ने मीडिया और इवेंट कवर करने वाले फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों से भी अपील की है कि वे पेशेवर आचरण बनाए रखें। उन्होंने कहा, ''पत्रकारिता और मीडिया का काम सम्मान और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। बुनियादी शालीनता और मर्यादा हर पेशे की पहचान होती है। हम इस मुद्दे पर एकजुट हैं और ऐसी किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं करेंगी।''



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