तिरुवनंतपुरम, 3 मार्च . केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने Tuesday को केरल के Governor राजेंद्र वी. आर्लेकर से प्रस्तावित मलयालम भाषा विधेयक को शीघ्र मंजूरी देने की अपील की. उन्होंने इसे केरल की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने और लोगों के आत्मसम्मान को मजबूत करने वाला कदम बताया.


चंद्रशेखर ने कहा कि यह विधेयक शासन-प्रशासन की प्राथमिक भाषा के रूप में मलयालम को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा. उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में Prime Minister से मुलाकात कर राज्य के नाम को आधिकारिक रूप से “केरल” के रूप में मान्यता देने के लिए धन्यवाद देने वाले सांस्कृतिक नेताओं ने भी मलयालम भाषा विधेयक को मंजूरी देने की मांग उठाई थी.


उनके अनुसार, यह कानून केरल और मलयालम दोनों की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएगा तथा मलयालियों में नई गर्व की भावना जगाएगा. भाजपा नेता ने तर्क दिया कि जैसे “केरलम” नाम को औपचारिक रूप से अपनाने से पहचान मजबूत हुई, उसी प्रकार सरकारी आदेश, आधिकारिक दस्तावेज और सार्वजनिक सेवाएं मलयालम में उपलब्ध कराने से प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद अधिक प्रभावी होगा.


उन्होंने कहा कि इससे शासन अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनेगा तथा सरकारी प्रक्रियाओं में जनभागीदारी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी. चंद्रशेखर ने यह भी जोड़ा कि आधिकारिक कार्यों में मलयालम को सशक्त बनाने से नई पीढ़ी का भाषा के साथ भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा और राज्य की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी.


हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल को किसी भी तरह से अन्य भाषाओं को हाशिए पर डालने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उनका कहना था कि अंग्रेजी और हिंदी समेत अन्य भाषाएं केरल के युवाओं की शैक्षिक और पेशेवर उन्नति के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेंगी.


उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून लागू करने से पहले भाषाई अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. चंद्रशेखर ने चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि स्पष्ट नियमों, मजबूत अनुवाद तंत्र, आवश्यकतानुसार बहुभाषी सहयोग और सीमावर्ती जिलों के लिए विशेष प्रावधानों के माध्यम से सभी चिंताओं का समाधान किया जा सकता है.



डीएससी

Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.