गुवाहाटी, 13 फरवरी . मिजोरम में रेलवे कनेक्टिविटी ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, जब पहली बार India गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन सैरांग रेलवे स्टेशन पर पहुंची.
अधिकारियों ने Friday को बताया कि यह ट्रेन ‘नॉर्थ ईस्ट डिस्कवरी’ सर्किट के तहत आई है, जो राज्य में टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि यह प्रीमियम टूरिस्ट ट्रेन, जो India के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ अमेरिका और नेपाल समेत दूसरे देशों से 81 टूरिस्ट को मिजोरम ले जा रही है, नेशनल और इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर राज्य की बढ़ती पहचान को दिखाती है.
India गौरव टूरिस्ट ट्रेन Thursday को मिजोरम की राजधानी आइजोल से 20 किलोमीटर दूर सैरांग पहुंची.
शर्मा ने कहा कि पिछले साल (2025) 13 सितंबर को Prime Minister Narendra Modi द्वारा 51.38 किलोमीटर बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन का ऐतिहासिक उद्घाटन मिजोरम में टूरिज्म के लिए एक अहम पल साबित हुआ है, और पिछले छह महीनों में टूरिस्ट की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है.
उन्होंने कहा कि बेहतर एक्सेसिबिलिटी ने घरेलू और विदेशी दोनों तरह के विजिटर्स को अट्रैक्ट किया है, जिससे हॉस्पिटैलिटी और उससे जुड़े सेक्टर्स में रोजगार पैदा हो रहा है, इको-टूरिज्म और कल्चरल टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है, और मिजोरम को इनक्लूसिव ग्रोथ और रीजनल इंटीग्रेशन के बड़े विजन के तहत नॉर्थईस्ट में एक उभरता हुआ डेस्टिनेशन बना रहा है.
सितंबर 2025 में बैराबी-सैरांग रूट पर ट्रेन सर्विस शुरू होने के बाद से, पब्लिक का रिस्पॉन्स जबरदस्त रहा है. सैरांग-आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस ने दोनों तरफ 147 प्रतिशत और 154 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्यूपेंसी रिकॉर्ड की है. सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस ने भी इसी तरह 100 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूत ऑक्यूपेंसी स्तर दर्ज की है, जो सैरांग से रेलवे सर्विस की मजबूत डिमांड और पब्लिक की मजबूत एक्सेप्टेंस को साफ तौर पर दिखाता है.
हाल ही में, 9 फरवरी (2026) को, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सैरांग से सिलचर (दक्षिणी असम) के लिए एक नई ट्रेन सर्विस को हरी झंडी दिखाई. इससे इलाके में आवाजाही और मजबूत हुई है और मिजोरम असम की बराक घाटी के जरूरी एजुकेशनल, मेडिकल और कमर्शियल हब से जुड़ गया है.
दक्षिणी असम की बराक घाटी में कछार, श्रीभूमि (पहले करीमगंज) और हैलाकांडी शामिल हैं.
सीपीआरओ ने कहा कि बैराबी (असम के साथ)-सैरांग सेक्शन पर माल ढुलाई के काम में भी कमीशनिंग के बाद से काफी तेजी आई है. उद्घाटन के तुरंत बाद 21 सीमेंट वैगन वाला पहला मालगाड़ी का रैक सफलतापूर्वक सैरांग पहुंचाया गया, जिससे राज्य में रेगुलर माल ढुलाई की शुरुआत हुई.
इसके बाद, सीमेंट, रेत, स्टोन चिप्स, जरूरी सामान और ऑटोमोबाइल समेत अलग-अलग तरह के माल की ढुलाई की गई.
–
एससीएच
Contact to : xlf550402@gmail.com
Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.